कविता
कविता नारा है जो आग उगलती है.
कविता मीठी लोरी है, बच्चों को सुलाती है.
कविता प्रणय गीत है, प्रेम जगाती है.
वीरों की रणभेरी है, हुंकार है,
जय-जयकार है जेता की.
कविता दुखियों के आंसू हैं
प्रताड़ितों की पुकार है, मरहम है .
कोई निर्मित नहीं करता
खुद उग पड़ता है उपजाऊ ह्रदय में
बस एक ही पन्ने में सिमट कर---
कविता मेरी बेटी है , मेरी प्यारी है !
प्रताड़ितों की पुकार है, मरहम है .
कोई निर्मित नहीं करता
खुद उग पड़ता है उपजाऊ ह्रदय में
बस एक ही पन्ने में सिमट कर---
कविता मेरी बेटी है , मेरी प्यारी है !
